स्पीकर टेस्ट: क्या बायाँ और दायाँ सही काम करते हैं?

अपने स्पीकर या हेडफ़ोन जाँचने के लिए बाईं, दाईं या दोनों ओर एक धुन चलाएँ। फिर फ़्रीक्वेंसी स्वीप चलाकर सुनें कि वे क्या-क्या बजा सकते हैं, और जाँचें कि वे सही तरीके से जुड़े हैं।

 

1. बायाँ और दायाँ

2. फ़्रीक्वेंसी स्वीप

यह सुनने की जाँच नहीं है। छोटे स्पीकर अक्सर लगभग 100 Hz से नीचे चुप हो जाते हैं, और कई वयस्क 15 से 17 kHz से ऊपर नहीं सुन पाते।

3. वायरिंग जाँच (पोलैरिटी)

⚠️ कम आवाज़ से शुरू करें, ख़ासकर हेडफ़ोन के साथ, और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।

बायाँ और दायाँ जाँचें

आवाज़ कम रखें, फिर “बायाँ”, “दोनों” और “दायाँ” दबाएँ। आवाज़ सिर्फ़ उसी ओर से आनी चाहिए जो बटन पर लिखी है। अगर ग़लत ओर से आए, तो हेडफ़ोन उल्टा पहना है या स्पीकर की केबल बदली हुई हैं। “बायाँ, दायाँ, दोहराएँ” दोनों ओर बारी-बारी बजाता है जब तक आप “रोकें” न दबाएँ, ताकि आपके हाथ केबल ठीक करने के लिए ख़ाली रहें।

अगर आवाज़ हर बार दोनों ओर से आए, तो देखें कि सिस्टम की एक्सेसिबिलिटी सेटिंग में मोनो ऑडियो बंद है, और स्पीकर किसी मोनो या पार्टी मोड में नहीं हैं।

गहरे से ऊँचे तक फ़्रीक्वेंसी स्वीप

स्वीप 14 सेकंड में 20 Hz, यानी ज़्यादातर लोगों को सुनाई देने वाले सबसे गहरे बास, से 20 kHz तक जाता है और मौजूदा फ़्रीक्वेंसी दिखाता है। खड़खड़ाहट, भिनभिनाहट या ऐसी जगहें सुनें जहाँ आवाज़ गायब होकर लौटती है। खड़खड़ाहट आमतौर पर ढीले हिस्सों या स्पीकर को छूती चीज़ों से आती है।

छोटे स्पीकर, जैसे लैपटॉप और फ़ोन के, अक्सर लगभग 100 से 200 Hz तक चुप रहते हैं। यह सामान्य है। ऊपर की ओर कई वयस्क 15 से 17 kHz के बीच कहीं टोन सुनना बंद कर देते हैं। यह भी सामान्य है, और यह स्वीप सुनने की जाँच नहीं है।

वायरिंग जाँच (पोलैरिटी)

हर स्पीकर में एक प्लस और एक माइनस तार होता है। अगर एक उल्टा जुड़ा हो, तो दोनों स्पीकर हवा को उल्टी दिशाओं में धकेलते हैं, और बास व आवाज़ें पतली लगती हैं। दोनों स्पीकर के बीच बैठें और “इन-फ़ेज़”, फिर “आउट-ऑफ़-फ़ेज़” चलाएँ।

“इन-फ़ेज़” भरी हुई और बीच में लगनी चाहिए। “आउट-ऑफ़-फ़ेज़” फैली, खोखली और जगह पहचानने में मुश्किल लगनी चाहिए। अगर उल्टा हो, तो सिर्फ़ एक स्पीकर के दोनों तार आपस में बदलें। यह जाँच एक स्पीकर या ज़्यादातर लैपटॉप के साथ काम नहीं करती।

सवाल और जवाब

मुझे कुछ सुनाई नहीं देता। क्या जाँचूँ?

यहाँ का वॉल्यूम स्लाइडर, सिस्टम की आवाज़ और म्यूट, और कौन सा आउटपुट डिवाइस चुना है, यह जाँचें। फ़ोन पर साइलेंट स्विच वेबसाइट की आवाज़ रोक सकता है। फिर दोबारा कोई बटन दबाएँ।

आवाज़ 30 % पर क्यों शुरू होती है?

आपके कानों और स्पीकर की सुरक्षा के लिए। टेस्ट साउंड उसी सेटिंग पर संगीत से ज़्यादा तेज़ लग सकते हैं, इसलिए कम से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।

क्या मैं सराउंड सिस्टम जाँच सकता हूँ?

यह टेस्ट सामने के दो चैनल (बायाँ और दायाँ) जाँचता है। सराउंड और सबवूफ़र चैनल के लिए मल्टी-चैनल टेस्ट फ़ाइल चाहिए।

मेरे ब्लूटूथ हेडफ़ोन यहाँ ख़राब क्यों सुनाई देते हैं?

अगर कोई वेबसाइट या ऐप साथ में हेडसेट का माइक भी इस्तेमाल कर रहा है, तो कई ब्लूटूथ हेडसेट कम क्वालिटी वाले कॉल मोड में चले जाते हैं। कॉल या माइक टेस्ट बंद करके फिर आज़माएँ।

क्या स्वीप स्पीकर को नुकसान पहुँचाता है?

सही आवाज़ पर नहीं। सबसे गहरी और सबसे ऊँची फ़्रीक्वेंसी पर बहुत तेज़ आवाज़ से बचें, जहाँ छोटे स्पीकर और ट्वीटर सबसे नाज़ुक होते हैं।

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